कार्यरत महिलाएँ और ऑफिस की राजनीति: अदृश्य संघर्ष, साहस और संतुलन की कहानी

कार्यरत महिलाएँ और ऑफिस की राजनीति: अदृश्य संघर्ष, साहस और संतुलन की कहानी   आज की आधुनिक दुनिया में महिलाएँ केवल घर की देखभाल ही नहीं करतीं, बल्कि दफ़्तरों में भी पूरे आत्मविश्वास और मेहनत से अपनी पहचान बनाती हैं।   पर इस चमकती पेशेवर दुनिया के पीछे छिपी होती है एक सच्चाई— ऑफिस की …

करियर बनाम शादी: क्यों हर बार चुनाव सिर्फ लड़की को ही करना पड़ता है?

करियर बनाम शादी: क्यों हर बार चुनाव सिर्फ लड़की को ही करना पड़ता है? (एक दर्द जो मुस्कान के पीछे छिपा रहता है) 1. लड़की के सपनों की उम्र तय होती है, लड़के के सपनों की नहीं इस समाज में एक अनकही लाइन है — लड़का बड़ा हो रहा है तो “भविष्य बना रहा है”, …

जब मुस्कान भी गुनाह बन जाती है – समाज की सोच और जजमेंट की कड़वी सच्चाई”

हँसी के पीछे का दर्द — जब सोच ही किसी का फैसला कर दे”   किसी इंसान को जज करना अब हमारे रोज़मर्रा का खेल बन गया है। एक हँसी, एक मुस्कान, किसी से बैठ कर बात कर लेना — इन छोटी-छोटी चीज़ों को हम मतलब और मर्ज़ी से भर देते हैं। और फिर, बिना …

कभी-कभी हमें दूसरों की दुनिया भी देखनी चाहिए | जब हम अपनी सोच की दीवारों में क़ैद हो जाते हैं

कभी-कभी लगता है… हम इंसान सच में बहुत स्वार्थी हैं। नियत से नहीं, पर आदत से। हम अपनी ही भावनाओं की इतनी परतों में लिपट जाते हैं कि सामने वाले की आँखों में झांकना भूल जाते हैं। हमें बस अपने दर्द का एहसास होता है, अपनी उलझनों की कहानी सुनाई देती है। पर क्या हमने …

जीवन का चक्र और समय का सत्य

    जीवन का चक्र और समय का सत्य (Birth, Death, Love, Change – जीवन के हर मोड़ का गहरा अर्थ) हम सबकी ज़िंदगी एक यात्रा है। कभी खुशी, कभी दर्द, कभी हँसी, कभी आँसू – सबका अपना-अपना समय होता है। हम अक्सर सोचते हैं कि “क्यों अभी ये हो रहा है? क्यों मुझे ही …

समय – एक अदृश्य मूर्तिकार

समय हम इसे देख नहीं सकते, छू नहीं सकते, पर यह हमारे जीवन के हर कोने में अपनी उंगलियों के निशान छोड़ देता है। यह एक अदृश्य मूर्तिकार है, जो हमें आकार देता है, तोड़ता है, और फिर से गढ़ता है।   हम सोचते हैं कि हम समय के मालिक हैं, पर सच यह है …

ज़िंदगी का सफऱ चलता रहता है

ज़िंदगी का सफर कभी आसान नहीं होता। इसमें उतार-चढ़ाव, खुशियां और ग़म, सब शामिल होते हैं। Life goes on — ये सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का असली दर्शन है। जब हम हार को अपनाते हैं, खुद से मुकाबला करते हैं और सकारात्मक सोच बनाए रखते हैं, तब हम हर मुश्किल से बाहर निकल …

अकेलापन: वो साया जो हमेशा साथ चलता है

🖤 अकेलापन: वो साया जो हमेशा साथ चलता है कभी सोचा है कि हज़ारों की भीड़ में भी दिल अकेला क्यों महसूस करता है?कभी ऐसा लगता है जैसे सब कुछ होते हुए भी कुछ अधूरा है…जैसे ज़िंदगी की इस चुप रात में कोई अपना नहीं बचा…वो अहसास… “अकेलापन” – जो सिर्फ शांति नहीं, एक चुप …